National Recruitment Agency और Common Eligibility Test क्या है?

केंद्रीय कैबिनेट ने एक National Recruitment Agency स्थापित करने का फैसल लिया है जो Railway Recruitment Board (RRB), Staff Selection Commission (SSC) और Indian Banking Personnel Selection (IBPS) के परीक्षा के लिए एक Common Eligibility Test आयोजित करेगा। इन तीनो रिक्रूटमेंट एजेंसी के लिए प्रारंभिक परीक्षा बस एक एजेंसी NRA लेगी। जिससे छात्रों का समय, पैसा, श्रम सब कुछ की बचत होगी। National Recruitment Agency क्या है? कैसे काम करेगा? इसके फायदे क्या हैं? इसकी आवश्यकता क्यों थी? इन सारे प्रश्नों का उत्तर इस आर्टिकल में मिलेगा।

प्रति वर्ष करीब 1.25 लाख सरकारी नौकरियां RRB (Railway Recruitment Board), IBPS (Indian Banking Personal Selection)  SSC (Staff Selection Commission) आयोजित करती है जिसके लिए 2.5 से 3 करोड़ छात्र परीक्षा देते हैं।

अलग अलग पदों और नौकरियों के लिए छात्रों को अलग अलग परीक्षाएं देनी पड़ती हैं। इससे उन्हें तरह तरह की परेशनियां आती हैं।

सरकार ने इस परेशानी को  दूर करने का निर्णय लिया है।

केंद्रीय कैबिनेट ने छात्रों को अलग अलग सरकारी नौकरियों के लिए अलग अलग परीक्षाओं से निजात देने का फैसला किया है। इसके लिए कैबिनेट ने National Recruitment Agency की स्थापना करेगी जो एक Common Eligibility Test लेगी जिसका उपयोग विभिन्न सरकारी नौकरियों के प्रारंभिक परिक्षा के रूप में किया जायेगा।

National Recruitment Agency क्या है?

National Recruitment Agency एक स्वायत्त संस्था होगी जिसका काम सरकारी नौकरियों के लिए Common Eligibility Test कराना होगा। ये Indian Societies Act से रजिस्टर्ड होगा।

देश में करीब 20 ऐसी एजेंसी हैं जो सरकारी नौकरियों के लिए परीक्षाएं लेती हैं। National Recruitment Agency ने उनका काम आसान कर दिया है।

इसमें अभी केवल तीन एजेंसी के लिए परीक्षाएं लेने की जिम्मेदारी  दी जाएगी।

  1. RRB (Railway Recruitment Board)
  2. IBPS (Indian Banking Personal Selection)
  3. SSC (Staff Selection Commission)

आगे इसमें बाकि परीक्षाओं को भी शामिल किया जा सकता है।

National Recruitment Agency द्वारा एक आम पात्रता परीक्षा का आयोजन किया जायेगा। इसको Common Eligibility Test कहा जायेगा।

Common Eligibility Test प्रति वर्ष दो बार आयोजित किया जायेगा। इसका स्कोर तीन वर्ष तक मान्य रहेगा। मतलब एक परीक्षार्थी इस टेस्ट के स्कोर के आधार पर तीन वर्ष तक विभिन्न सरकारी नौकरियों के मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन दे सकता है।

इस स्कोर  में सुधार के लिए आगामी परीक्षा में बैठ सकता है।

प्रत्येक जिले में एक परीक्षा केंद्र होगा।

परीक्षाएं अभी 12 अलग अलग भाषाओँ में होगी जिसको बाद में भारतीय संविधान के आठवीं अनुसूची (8th Schedule of Indian constitution) मे शामिल सभी 22 भाषाओं में भी ली जाएँगी।

Common Eligibility Test कैसे ली जाएगी?

ये टेस्ट प्रत्येक जिले में, हर पद के लिए Online ली जाएगी।

कौन Common Eligibility Test दे सकेगा? Who can appear for Common Eligibility Test 

RRB, IBPS, SSC में अलग अलग पदों के लिए अलग अलग योग्यताएं निर्धारित होती हैं। जैसे किसी पद के लिए 10वीं पास तो किसी के लिए 12वीं पास तो किसी के लिए स्नातक।

ये टेस्ट भी अलग अलग लिए जायेंगे। प्रश्न पत्र भी अलग अलग स्तर के होंगे।

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 इसमें कौन कौन सी नौकरियां शामिल होंगी?

इसमें RRB, IBPS, SSC द्वारा ली जाने वाली सभी परीक्षाएं शामिल होंगी। ये सभी परीक्षाएं अराजपत्रित (Non Gazzeted) होती हैं। जैसे

RRB Group D (Railway Recruitment Board Group D)

RRB NTPC (Railway Recruitment Board, Non Technical Popular Category)

SSC CGL (Staff Selection Commission Combined Graduate Level)

SSC CHSL (Staff Selection Commission Combined Higher Secondary Level)

SSC MTS (Staff Selection Commission Multi Tasking Staff)

SSC JHT (Staff Selection Commission Junior Hindi Translator)

IBPS (Indian Banking Personal Selection)

ये भी पढ़ें  इसमें UPSC द्वारा ली जाने वाली Civil Service की परीक्षा  नहीं शामिल होगी। और ऐसी कोई भी राजपत्रित अधिकारियो के चयन वाली परीक्षा शामिल नहीं होगी।

इसके फायदे (Advantage)

एक कॉमन परीक्षा होने से परीक्षार्थी के अलग अलग नौकरियों के आवेदन शुल्क नहीं देने पड़ेंगे।

परीक्षार्थीयों को थकाऊ और बेकार की यात्रा से निजात मिलेगी। इससे उनके पैसे बचने के साथ साथ परेशानी से भी बचाव होगा। विशेष रूप से लड़कियों को यात्रा की परेशानियों से बचाव होगा।

एक बार हुई परीक्षा  स्कोर तीन वर्षों तक मान्य रहेगा।

विभिन्न भाषाओं में प्रश्न पत्र होने और उत्तर के विकल्प होने से छात्रों  फायदा होगा।

चयन में समय (Recruitment Cycle) कम होगा। जब छात्र अलग अलग आवेदन करते थे तब उन्हें कई परीक्षाएं देनी पड़ती थी। इस वजह से किसी नौकरी के चयन में जो समय लगता था वो ज्यादा होता था। पूरी चयन प्रक्रिया लम्बी हो जाती थी। कई बार एक ही छात्र का अलग अलग पदों पर एक साथ चयन हो जाने से ये प्रक्रिया लम्बी होती थी। अब एक आवेदन और एक परीक्षा से चयन प्रक्रिया में लगने वाला समय काम होगा।

क्या RRB, SSC, IBPS समाप्त हो जाएँगी? Will RRB, SSC, IBPS be abolished?

अगर ये प्रश्न आपके मन  इसलिए  रहा है की National Recruitment Agency के आ जाने से RRB, IBPS, SSC को समाप्त कर दिया जायेगा? तो इसका उत्तर है नहीं। ये संस्थाएं भी बनी रहेंगी और अपना काम करती रहेंगी।

National Recruitment Agency द्वारा लिया जाने वाला Common Eligibility Test केवल प्रारंभिक परिक्षा होगा। इसके बाद अभ्यर्थी को, जिस पद और विभाग में नौकरी करनी है उसमे मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के लिए आवेदन देना होगा। Final Selection वहीं एजेंसी या विभाग करेगा जिसमे नौकरी है।

National Recruitment Agency ठीक उसी तरह काम करेगा जिस तरह से National Testing Agency काम करती है।

National Testing Agency, Medical और IIT की परीक्षा आयोजित करती है। 

Common Eligibility Test का स्कोप 

अभी ये परीक्षा केवल तीन विभागों के लिए ली जाएँगी। पर आगे इसमें देश के 20 Recruitment Agency में से सबको शामिल किया जा सकता है।

बाद में इसके स्कोर को राज्य सरकारों और सरकारी उपक्रमों से भी साझा किया जा सकता है।

निजी कंपनियों से भी इसका स्कोर साझा किया जा सकता है।

इस एक परीक्षा के स्कोर से आपके लिए नौकरियों के दरवाजे खुल सकते हैं।

National Recruitment Agency की जरुरत क्यों थी? Why National Recruitment Agency needed?

Department of Personal & Training के secretary C. Chandramauli के अनुसार हर साल 1.25 लाख नौकरियों के लिए करीब 2.5 करोड़ छात्र आवेदन करते हैं। जिसके लिए ये छात्र हर परीक्षा के लिए अलग आवेदन करते हैं। अलग अलग परीक्षा केंद्रों पर जाकर परीक्षा देनी पड़ती है। जिससे उन्हें परेशानियों का सामना  करना पड़ता है। विशेष रूप लड़कियों को बहुत अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

National Recruitment Agency के आने से ये परेशानी दूर हो जाएगी। अब छात्रों को न तो अलग अलग आवेदन करने होंगे और न ही लगा लगा परीक्षा केंद्रों की यात्रा करनी होगी।

सरकार को भी परिक्षाएं आयोजित करने में आसानी रहेगी।